
Upma Singh
Upma Singh is a journalist with 17 years of experience in the field of entertainment and feature journalism. She has worked with Amar Ujala and Dainik Bhaskar , leading national hindi newspapers before joining Navbharat Times. She is an assistant editor at Navbharat Times, Mumbai.
All reviews by Upma Singh

| Director: | Chandan Arora |
|---|---|
| Cast: | Roshan Mathew, Mohit Raina, Trinetra Haldar Gummaraju, Sarah-Jane Dias, Ninad Kamat, Mahesh Shetty, Heeba Shah, Usha Nadkarni |
Kankhajura
Drama, Crime (Hindi)
Sat, May 31 2025
कनखजूरा, एक ऐसा रेंगने वाला लिजलिजा जीव है, जो देखने में बेहद कमजोर लगता है। लेकिन एक बार वो आपसे चिपक जाए या कान में घुस जाए तो खून की एक-एक बूंद तक निचोड़ सकता है। एक ऐसी ही प्रकृति वाले इंसान की रोचक दास्तान है, वेब सीरीज ‘कनखजूरा’। एक्टर रोशन मैथ्यू की शानदार परफॉर्मेंस से सजी यह सीरीज एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जो आपको सही-गलत के खेल में ऐसा उलझाती है कि आप आखिर तक उससे नहीं निकल पाते। यह इजराइली शो ‘मैग पाई’ की यह हिंदी रीमेक है। कहानी में दो भाई आशु (रोशन मैथ्यू) और मैक्स (मोहित रैना) हैं। आशु एक मर्डर केस में 14 साल जेल में सजा काटने के बाद बाहर आता है, तो मैक्स उसे खुशी-खुशी लेने आता है। वह आशु को बताता है कि जल्द ही वह अपने बचपन के दोस्तों और पार्टनर्स पेद्रो (निनाद कामत) और शारदुल (महेश शेट्टी) के साथ मिलकर गोवा की सबसे बड़ी और हाई-फाई सोसायटी डेवलप करने जा रहा है, जो उसका ड्रीम प्रॉजेक्ट है।

| Director: | Rohan Sippy |
|---|---|
| Cast: | Pankaj Tripathi, Surveen Chawla, Mohammed Zeeshan Ayyub, Mita Vashisht, Shweta Basu Prasad, Asha Negi, Khushboo Atre, Barkha Singh, Aatm Prakash Mishra, Kalyanee Mulay |
| Writer: | Harman Wadala, Rahul Ved Prakash, Sandeep Jain, Riya Poojary, Varsha Ramachandran |
Criminal Justice: A Family Matter
Crime, Mystery, Drama (Hindi)
रोमांचक कोर्ट-रूम ड्रामा में चमके पंकज और सुरवीन
Thu, May 29 2025
कोर्ट-कचहरी से यूं तो आम आदमी दूर ही रहना पसंद करता है, मगर इंसाफ के इस गलियारे की कहानियां अगर ढंग से कही जाए, तो लोग बड़े चाव से देखते-सुनते हैं। यही वजह है कि OTT पर लीगल सिस्टम पर आधारित ‘इलीगल’, ‘मामला लीगल है’, ‘गिल्टी माइंड्स’ जैसी वेब सीरीज काफी पसंद की गई। लेकिन इन सबमें बाजी मारी ‘क्रिमिनल जस्टिस’ ने। पंकज त्रिपाठी स्टारर यह कोर्टरूम ड्रामा उन चंद कामयाब शोज में से है, जो चौथे सीजन तक पहुंचा है। इससे पहले यह कमाल सिर्फ ‘गुल्लक’ ही कर पाई है। अब अपने चौथे सीजन ‘क्रिमिनल जस्टिस: ए फैमिली मैटर’ में भी वकील माधव मिश्रा (पंकज त्रिपाठी) एक ऐसा जटिल हाई प्रोफाइल केस लड़ते हैं, जो ना केवल अंत तक बांधे रखता है, बल्कि इमोशनल भी करता है।

| Director: | Bugs Bhargava Krishna, Rahul daCunha |
|---|---|
| Cast: | Amit Sadh, Jim Sarbh, Manjari Fadnnis, Ketaki Narayan Kulkarni |
Pune Highway
(Hindi)
Sat, May 24 2025
विलियम शेक्सपियर की ‘रोमियो जूलियट’, ‘मैकबेथ’, ‘हेमलेट’ और ‘ओथैलो’ जैसे नाटकों पर दुनियाभर में फिल्में बनी हैं, लेकिन राइटर-डायरेक्टर राहुल डा कुन्हा अपने ही चर्चित नाटक ‘पुणे हाईवे’ को बड़े पर्दे पर लेकर आए हैं। बग्स भार्गव कृष्णा के साथ मिलकर लिखी और डायरेक्ट की यह फिल्म अतीत के घाव और मौजूदा समय में हुए एक अपराध के बीच दोस्ती की गहराई परखती है। हालांकि, कमजोर स्क्रीनप्ले के कारण यह मर्डर मिस्ट्री कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाती। कहानी चार दोस्तों खांडू उर्फ प्रमोद खंडेलवाल (अमित साध), विष्णु (जिम सर्भ), निक्की (अनुवाब पाल), खांडू की बहन नताशा (मंजरी फडनिस) और बाबू (हिमांशु बालपांडे) की है। चारों बचपन के दोस्त हैं। ये सभी साथ बड़े हुए हैं, इसलिए इनका रिश्ता बहुत मजबूत है। फिर भी जब बाबू पर जानलेवा हमला होता है, तो बाकी तीनों दोस्त चुपचाप बस देखते रहते हैं, क्योंकि वह हमला ताकतवर नेता मानसेकर (शिशिर शर्मा) ने करवाया होता है। यही नहीं, खांडू खुद मानसेकर के लिए ही काम करता है। इस वजह से विष्णु और खांडू में नैतिकता को लेकर बहस भी होती है, मगर उनकी दोस्ती बरकरार रहती है। यह दोस्ती तब भी नहीं टूटती, जब विष्णु की वजह से खांडू की बहन नताशा का दिल टूट जाता है। मगर तभी मानसेकर की बेटी मोना (केतकी नारायण) का मर्डर इन चारों की जिंदगी में उथल पुथल मचा देता है। मोना के मर्डर से इनका क्या कनेक्शन होता है? किसने किया है मर्डर? यह जानने के लिए फिल्म देखनी होगी।

| Director: | Ananth Narayan Mahadevan |
|---|---|
| Cast: | Pratik Gandhi, Patralekhaa |
Phule
History, Drama (Hindi)
महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले के प्रेरणादायी जीवन सफर से रूबरू होने के लिए, यह फिल्म एक बार जरूर देखनी चाहिए।
Sat, April 26 2025
‘हमारा देश एक भावुक देश है, यहां धर्म और जाति के नाम पर लोगों को लड़ाना बड़ा ही सरल है, यह भविष्य में भी होगा।’ देश के महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की फिल्म ‘फुले’ में की गई यह भविष्यवाणी आज के दौर में और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाती है, जब धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में धर्म के नाम पर कई परिवार उजाड़ दिए जाते हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए आज भी ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ मुहिम चलानी पड़ती है और उच्च वर्ग नाराज ना हो जाए, इसलिए फिल्म को सेंसर कर दिया जाता है। ज्योतिबा कहते हैं, ‘बस क्रांति की यह ज्योति जलाए रखना।’ वह क्रांति, जिसका बिगुल उन्होंने 18वीं सदी में फूंका था। फिल्म ‘फुले’ ज्योतिबा के जीवन और विचारों को समर्पित वही क्रांति गीत है, जिसे मेनस्ट्रीम सिनेमा में लाने के लिए मेकर्स की तारीफ बनती है।

| Director: | Gopichand Malineni |
|---|---|
| Cast: | Sunny Deol, Randeep Hooda, Saiyami Kher, Regina Cassandra, Vineet Kumar Singh, Ramya Krishnan, Jagapati Babu, Vinay Varma, Zarina Wahab, Upendra Limaye |
Jaat
Action, Drama (Hindi)
सनी देओल के स्वैग और एक्शन के फैन हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।
Fri, April 11 2025
‘यह ढाई किलो का हाथ जब उठता है ना तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है।’, 32 साल पहले फिल्म ‘दामिनी’ में सनी देओल ने अपने ढाई किलो के हाथ की ताकत दिखाकर नॉर्थ के दर्शकों के दिल लूटा था। अब बॉलीवुड के OG एक्शन स्टार 67 साल की उम्र में ‘जाट’ बनकर वही दमखम दिखाने साउथ के मैदान में उतरे हैं। खास बात यह है कि चेहरे और त्वचा पर इस बढ़ती हुई उम्र का असर दिखने के बावजूद, वह अपने स्वैग, स्टाइल और एक्शन से, अब भी इस बात पर भरोसा दिलाते हैं कि उनका यह ढाई किलो का हाथ दर्जनों गुंडों को अकेले पीट-पीटकर भूसा भर सकता है। चलती जीप रोक सकता है और भारी-भरकम पंखे को उठाकर हवा में उड़ा सकता है। फिल्म ‘जाट’ असल में साउथ इंडियन स्टाइल में 80 के दशक वाले ‘एंग्री यंग मैन’ सनी देओल की वापसी है, जो विशेष रूप से उस किस्म की मसाला फिल्मों के शौकीनों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिनमें दिमाग लगाना या लॉजिक ढूढ़ना बेवकूफी होगी।

| Director: | Prithviraj Sukumaran |
|---|---|
| Cast: | Mohanlal, Prithviraj Sukumaran, Abhimanyu Singh, Manju Warrier, Tovino Thomas, Indrajith Sukumaran, Suraj Venjaramoodu, Saikumar, Sachin Khedekar, Nandhu |
| Writer: | Murali Gopy |
L2: Empuraan
Action, Crime, Thriller (Malayalam)
भव्यता के फेर में फंस गया ये 'एम्पुरान'
Fri, March 28 2025
मलयालम सिनेमा के जाने-माने ऐक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन ने साल 2019 में फिल्म लुसिफर से निर्देशन में कदम रखा था। दिग्गज अभिनेता मोहनलाल की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म ने तब रेकॉर्ड कामयाबी हासिल की थी। फिल्म को सिर्फ केरल ही नहीं, अन्य राज्यों के दर्शकों ने भी खूब पसंद किया था। इसलिए, पृथ्वीराज सुकुमारन अब इसका सीक्वल L2 : एम्पुरान पैन इंडिया लेवल पर पांच भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में लेकर आए हैं। एम्पुरान का मतलब ही होता है- ऐसा महान राजा, जिसका दर्जा बस भगवान से ही कम हो। लिहाजा, इस बार फिल्म का स्केल भी कहीं ज्यादा बड़ा है। दुनिया के अलग-अलग लोकेशंस पर बड़े-बड़े शॉट्स फिल्म का आकर्षण है। लेकिन इस स्टाइल, भव्यता, चमक-दमक के बीच कहानी कमजोर रह गई है। इस बार कहानी में लुसिफर वाली गहराई और पकड़ नदारद है। कहानी लुसिफर का टैग पाने वाले स्टीफन नेदूंपल्ली उर्फ कुरैशी अब्राम (मोहनलाल) के एम्पुरान यानी और ताकतवर बनने की है। उसकी दुनिया केरल से निकलकर इंटरनैशनल हो चुकी है। अपने दत्तक पिता रामदास (सचिन खेडेकर) के निधन के बाद सत्ता उनके पुत्र जतिन (टोविनो थॉमस) को सौंपकर स्टीफन एक अंतरराष्ट्रीय गैंग के सरगना के रूप में सक्रिय है, मगर यहां भी नशे के खिलाफ उसकी जंग जारी है और वह ड्रग रैकेट चलाने वाले काबूगा गैंग का सफाया करने में जुटा हुआ है। इधर, केरल की राजनीति में अलग उथल-पुथल शुरू हो जाती है। पांच साल मुख्यमंत्री बनने बाद जतिन तरह-तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुका है। यही नहीं, आगामी इलेक्शन के लिए वह अपने पिता की पार्टी छोड़कर सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ाने वाले नेता बाबा बजरंगी (अभिमन्यु सिंह) से हाथ मिलाकर नई पार्टी बना लेता है, जिसके विरोध में उसकी बहन प्रियदर्शिनी (मंजू वॉरियर) खुद राजनीति में उतर जाती है। वहीं, अपने राज्य को बचाने के लिए स्टीफन को भी केरल लौटना पड़ता है। अब स्टीफन की यह घर वापसी क्या गुल खिलाती है, यह जानने लिए सिनेमाघर जाना होगा।

| Cast: | Jeet, Prosenjit Chatterjee, Pooja Chopra, Mimoh Chakraborty, Saswata Chatterjee, Parambrata Chatterjee, Rahul Dev Bose, Chitrangda Singh, Ritwik Bhowmik, Aadil Khan |
|---|
Khakee: The Bengal Chapter
Drama, Crime (Hindi)
क्राइम थ्रिलर के शौकीन हैं, तो इसे देख सकते हैं
Sat, March 22 2025
‘प्रेम कहानी यारों देखी, देवदास की पारो देखी, जर्दा पान का पत्ता देखा, अजब गजब कलकत्ता देखा, किस्सा है गुरदेव का सुर ताल का, एक और रंग भी देखिए बंगाल का’, ये खूबसूरत बोल हैं फिल्ममेकर नीरज पांडे की नई वेब सीरीज ‘खाकी: द बंगाल चैप्टर’ के ओपनिंग ट्रैक के, जो बंगाल का एक अलग रंग दिखाने का दावा करती है। अपनी खाकी फ्रेंचाइजी के तहत बिहार के बाद नीरज पांडे अब इसकी दूसरी कड़ी ‘द बंगाल चैप्टर’ लाए हैं। हालांकि, दावे से उलट कहानी में कोई ऐसा अनूठापन नहीं है। राजनीति, गैंगस्टर और पुलिस के नेक्सस की कहानियां पहले भी कई आ चुकी हैं, लेकिन कोलकाता की गलियों में भागती इस चोर-पुलिस के कहानी में बंगाल की संस्कृति, बोली-बानी और बांग्ला के नामी कलाकारों का समावेश इसे आकर्षक बनाता है। कहानी ‘सिटी ऑफ जॉय’ के ‘सिटी ऑफ भॉय’ बनने की है, जिसे सुधारने का जिम्मा एक ईमानदार और बहादुर खाकीधारी उठाता है। शुरुआत सत्ताधारी पार्टी के एक नेता के पोते की किडनैपिंग से होती है, जिसे खोजने के लिए ईमानदार पुलिस अधिकारी सप्तऋषि सिन्हा (परमव्रत चटर्जी) को एसआईटी में लाया जाता है। सप्तऋषि यहां लोकल डॉन शंकर बरुआ उर्फ बाघा (सास्वत चटर्जी) के आतंक से रूबरू होता है। बाघा अपने दो लड़कों जय-वीरू सागोर तालुकदार (रित्विक भौमिक) और रंजीत ठाकुर (आदिल खान) के साथ मिलकर स्मगलिंग से लेकर दिनदहाड़े किसी का गला रेतने तक, सब कुछ बेखौफ होकर करता है, क्योंकि उसके सिर पर सत्ताधारी पार्टी के ताकतवर नेता बरुन रॉय (प्रोसेनजीत चटर्जी) का हाथ है। चूंकि, इलेक्शन सिर पर है और विपक्ष की नेता निवेदिता बसाक (चित्रांगदा सिंह) शहर के हालात का मुद्दा बनाती है, इसलिए वो सप्तऋषि के जरिए बाघा पर लगाम कसने का दिखावा करते हैं। हालांकि, इस लड़ाई में सप्तऋषि जल्द ही शहीद हो जाते हैं और तब एंट्री होती है, सुपरकॉप अर्जुन मैत्रा (जीत) की। अर्जुन नियमों-निर्देशों को ताख पर रखकर गुनहगारों को सबक सिखाने वाला ऑफिसर है। ऐसे में वह बाघा, सागोर और रंजीत के आतंक से कोलकाता को कैसे भयमुक्त कराता है, यह सीरीज देखकर पता चलेगा।

| Director: | Chandan Arora, Samarth Kaimliya |
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| Cast: | Parmish Verma, Christopher Kouros, Samarth Kaimliya, Natasha Powell, Miguel Andrew Fish, Vikas Ahuja, Navdeep Monga, Ranvir Shorey, Arunoday Singh, Jasmin Bajwa |
| Writer: | Rajiv Walia |
Kanneda
Crime (Punjabi)
परमीश वर्मा की बढ़िया परफॉर्मेंस के लिए देख सकते हैं।
Sat, March 22 2025
‘कन्नेडा’ वेब सीरीज के नरेटर मोहम्मद जीशान अय्यूब के शब्दों में कहें तो इसे समझने के लिए कनाडा देश को समझना होगा, जहां दो देश बसते हैं। एक गोरों की फर्स्ट वर्ल्ड कंट्री ‘कैनेडा’ और दूसरा थर्ड वर्ल्ड कंट्री से आए प्रवासियों का ‘कन्नेडा’, जिसके निवासियों को सेकंड क्लास सिटीजन समझा जाता था। यह कहानी इसी तबके के एक ऐसे बंदे निर्मल चहल उर्फ निम्मा (परमीश वर्मा) की है, जो कनाडा और कन्नेडा के बीच की इस दूरी को मिटाने के लिए कुछ भी करने पर आमादा हो जाता है। साल 1984 के दंगों के बाद अपना पिंड पंजाब छोड़कर वैंकूवर में बसा निम्मा पढ़ाई, खेलकूद, म्यूजिक हर चीज में अव्वल होता है। स्कूल में वह गोरों के खेल रग्बी में सिलेक्ट होने वाला पहला ब्राउन मुंडा बनता है, मगर गोरे साजिशन उसे ड्रग रखने के जुर्म में फंसाकर टीम से निकाल देते हैं। इसके बाद निम्मे को यकीन हो जाता है कि वह कितनी भी मेहनत कर ले, खुद को सुपीरियर समझने वाले कनाडा वासी उसे वह इज्जत नहीं देंगे। इसलिए वह ताकत और पैसा हासिल करके यह इज्जत कमाने का ठान लेता है।
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