
Deepak Dua
Independent Film Journalist & Critic
Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.
A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra
All reviews by Deepak Dua

| Director: | Anukalp Goswami |
|---|---|
| Cast: | Kapil Sharma, Manjot Singh, Jamie Lever, Tridha Choudhury, Parul Gulati, Sushant Singh, Ayesha Khan, Hira Warina, Akhilendra Mishra, Asrani |
| Writer: | Anukalp Goswami |
Kis Kisko Pyaar Karoon 2
Comedy, Romance, Drama (Hindi)
इस सर्कस में है टाइमपास कॉमेडी
Sat, December 13 2025
10 साल से ऊपर हो गए जब कॉमेडी के लिए चर्चित कपिल शर्मा बतौर हीरो अपनी पहली फिल्म ‘किस किस को प्यार करूं’ लेकर आए थे। उस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे युवक की भूमिका निभाई थी जिसे मजबूरी में तीन शादियां करनी पड़ती हैं और अब वह अपनी पसंद की लड़की से चौथा ब्याह रचाने जा रहा है। उस फिल्म में रोमांस की हल्की खुशबू के साथ कॉमेडी का तड़का था और दर्शकों ने उस फिल्म पर अपनी पसंदगी का ठप्पा भी लगाया था। यह फिल्म ‘किस किस को प्यार करूं 2’ उसी कड़ी की अगली फिल्म है। लेकिन यह उसका सीक्वेल नहीं है बल्कि लगभग उसी कहानी पर फिर से बनाई गई फिल्म है-कुछ अलग तड़के के साथ

| Director: | Aditya Dhar |
|---|---|
| Cast: | Ranveer Singh, Sanjay Dutt, Akshaye Khanna, R. Madhavan, Arjun Rampal, Sara Arjun, Rakesh Bedi, Naveen Kaushik, Manav Gohil, Danish Pandor |
Dhurandhar
Action, Thriller (Hindi)
ज़ख्मों का हिसाब लेने आया ‘धुरंधर’
Sat, December 6 2025
इस फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) का ट्रेलर देखिए तो पता चलता है कि एक युवक (जो भारतीय एजेंट हो सकता है), पाकिस्तान के लयारी टाऊन में पहुंचता है जिसके बाद बेहिसाब खून-खराबा शुरू हो जाता है क्योंकि भारत के खुफिया ब्यूरो के एक बड़े अफसर का कहना है-मुंह तोड़ने के लिए मुठ्ठी बंद करना ज़रूरी है। पर क्या आपने इससे पहले कभी लयारी के बारे में सुना था…? दरअसल पाकिस्तान की व्यावसायिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर का एक बहुत पुराना और ऐतिहासिक इलाका है लयारी। इस इलाके की अहमियत इतनी है कि इसे ‘कराची की मां’ तक कहा जाता है। ऐसा इलाका जहां पख्तून, बलूच, सरायकी, सिंधी, कच्छी, मुहाजिर जैसी कई सारी कौमें मिल-ठन कर रहती हैं। कोई वक्त था जब यहां बलूचों और पख्तूनों (पठानों) में हमेशा तलवारें खिंची रहती थीं। दोनों के अपने-अपने गैंग थे जो अक्सर आपस में भिड़ते रहते थे। दोनों की सरपरस्त अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टियां थीं। बलूच गैंग के सरदार रहमान डकैत (जी हां, यही नाम था उसका) के सिर पर पाकिस्तान की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी का हाथ था जिसके लिए रहमान लयारी में वोटों का इंतज़ाम करता था और बदले में अपने काले धंधे चलाता था। फिर एक वक्त आया जब खुद पाकिस्तान के राष्ट्रपति (जी हां, सही पढ़ा आपने, खुद वहां के राष्ट्रपति) ने रहमान डकैत को आशीर्वाद देकर उसकी एक अलग पॉलिटिकल पार्टी बनवा दी। धीरे-धीरे इन गैंग्स्टर लोगों का आतंक वहां इतना ज़्यादा बढ़ गया कि पहले 2012 और फिर 2013 में पाकिस्तानी सरकार ने इनके खिलाफ जंग छेड़ दी जिसे ‘ऑपरेशन लयारी’ कहा गया। यह फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) उसी ऑपरेशन के पीछे की कहानी दिखाती है, आगे की कहानी इस फिल्म के अगले पार्ट में दिखाई जाएगी जो मार्च, 2026 में रिलीज़ होगा।

| Director: | Aanand L. Rai |
|---|---|
| Cast: | Dhanush, Kriti Sanon, Priyanshu Painyuli, Prakash Raj, Sushil Dahiya |
| Writer: | Himanshu Sharma, Neeraj Yadav |
Tere Ishk Mein
Romance, Drama, Action (Hindi)
रांझणा बनने चला ‘तेरे इश्क में’
Sat, November 29 2025
लड़की हाथ छुड़ा कर मुड़ी तो उसकी चूड़ी का कांच टूट कर लड़के को ज़ख्म दे गया। ऐसा ज़ख्म कि उसने शहर को फूंकना चाहा। लड़की किसी और से शादी करने चली तो वह उसे श्रॉप दे आया कि शंकर करे तुझे बेटा हो, तुझे भी पता चले कि इश्क में जो मर जाते हैं वो भी किसी के बेटे होते हैं। कहानी की यह झलक बताती है कि यह फिल्म हमें इश्क-मोहब्बत के उन दर्द भरे रास्तों पर ले जाने आई है जिसे देख कर आशिकों के दिल तड़पते हैं और जिन्होंने कभी प्यार न किया हो वे सुकून महसूस करते हैं। फिल्मकार आनंद एल. राय की ‘रांझणा’ भी तो ऐसी ही फिल्म थी जिसमें मुरारी ने कुंदन से कहा था-मर जाओ पंडित। पंडित उस फिल्म में इश्क करते हुए मरा तो इस फिल्म में भी वही रूप धर कर आ गया। वैसे भी सभी दिलजले, बर्बाद आशिकों की सूरत एक जैसी ही हो जाती है।

| Director: | Vibhu Puri |
|---|---|
| Cast: | Naseeruddin Shah, Vijay Varma, Fatima Sana Shaikh, Sharib Hashmi, Natasha Rastogi, Rohan Verma, Lilliput (M. M. Faruqui), Shashi Bhushan, Jaya Bhattacharya, Samiksha Tripathi |
| Writer: | Vibhu Puri |
Gustaakh Ishq
Romance, Drama (Hindi)
जाड़ों की नर्म धूप-सा
Fri, November 28 2025
1998 का वक्त। पुरानी दिल्ली में बंद होने के कगार पर खड़ी अपनी प्रिंटिंग प्रैस को बचाने के लिए नवाबुद्दीन रिज़वी जा पहुंचा है पंजाब के मलेरकोटला में शायर अज़ीज़ बेग के पास। सुना है किसी ज़माने में अज़ीज़ मियां मुशायरे लूट लिया करते थे। लेकिन एक ज़ख्म मिला और उन्होंने लिखना ही छोड़ दिया। उनके कलाम भी कभी छप न सके, या कहें कि उन्होंने छपवाए ही नहीं। नवाब चाहता है कि अज़ीज़ साहब उसे अपनी शायरी दे दें। सीधे नहीं कह सकता, सो उनकी शागिर्दी में शायरी सीखने लगता है। लेकिन अज़ीज़ बेग का कहना है कि वो फनकार ही क्या जिसे अव्वल कहलाने के लिए खुद पर बाज़ार की मुहर लगवानी पड़े। इधर अज़ीज़ साहब की शागिर्दी करते हुए उनकी बेटी मन्नत और नवाब का इश्क परवान चढ़ रहा है तो उधर दिल्ली में तंगहाल मुंह बाए खड़ी है। क्या बच पाएगी नवाब की प्रिंटिंग प्रेस? क्या अज़ीज़ बेग अपने कलाम छपवाने पर राज़ी हो जाएंगे? आखिर लिखना क्यों छोड़ा था उन्होंने? क्या नवाब का झूठ पकड़ा जाएगा? मन्नत और नवाब का इश्क मुकम्मल होगा या…!

| Director: | Razneesh Ghai |
|---|---|
| Cast: | Farhan Akhtar, Raashii Khanna, Sparsh Walia, Ankit Siwach, Vivan Bhatena, Dhanveer Singh, Brijesh Karanwal, Sahib Verma, Eijaz Khan, Ajinkya Deo |
120 Bahadur
Action, War (Hindi)
मिट्टी पर मिटने वालों की अमिट कहानी
Fri, November 21 2025
1962 का समय। हिन्दी-चीनी भाई-भाई के नारे को ठोकर मारते हुए चीन ने भारत की पीठ में खंजर भोंका था। उसी युद्ध में 18 नवंबर, 1962 को लद्दाख के रेज़ांग ला में एक ऐसी अनोखी लड़ाई लड़ी गई थी जिसमें 120 वीर सिपाहियों की चार्ली कंपनी ने मेजर शैतान सिंह की अगुआई में तीन हज़ार चीनी सैनिकों से भिड़ते हुए उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। उस लड़ाई में मात्र 6 सैनिक जीवित बचे थे और मेजर शैतान सिंह समेत बाकी वीरों ने मौत को गले लगाया था। बाद में मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परमवीर चक्र और उनके सिपाहियों में से आठ को वीर चक्र, एक को अति विशिष्ट सेवा मैडल, चार को सेना पदक व अन्य सम्मान दिए गए। अगर उस दिन ये लोग वहां डट कर नहीं रहते तो चीन भारत में काफी अंदर तक कब्ज़ा कर चुका होता। उन्हीं वीर अहीर सिपाहियों और राजपूत मेजर शैतान सिंह भाटी के अदम्य साहस को सलाम करती है निर्माता फरहान अख्तर की यह फिल्म ‘120 बहादुर’। फरहान अख्तर इसके लिए प्रशंसा के हकदार हैं।

| Director: | Anshul Sharma |
|---|---|
| Cast: | Ajay Devgn, Rakul Preet Singh, R. Madhavan, Gautami Kapoor, Ishita Dutta, Meezaan Jafri, Javed Jaffrey |
De De Pyaar De 2
Comedy, Romance (Hindi)
रिश्तों का एक और रंगीन पंचनामा
Sat, November 15 2025
साढ़े छह बरस पहले आई ‘दे दे प्यार दे’ में 50 बरस के अधेड़ आशीष को 26 बरस की कमसिन आयशा से प्यार हुआ था मगर बीच में आ गए थे आशीष के बीवी-बच्चे जिनसे वह 18 साल पहले अलग हो गया था। आशीष बेचारा असमंजस में फंस गया था कि पुराने रिश्ते निभाए या नए रिश्ते को थामे। लेकिन अंत में सब सुलझ गया था। क्या वाकई…! पहले आशीष आयशा को अपने परिवार से मिलवाने ले गया था और इस बार आयशा उसे अपने घर लाई है अपने परिवार से मिलवाने। यहां बात-बात पर खुद को ‘प्रगतिशील, पढ़े-लिखे, आधुनिक’ कहलवाने वाले उसके माता-पिता हैं जो आशीष से साल-डेढ़ साल ही बड़े हैं। भाई, भाभी, मासी, कज़िन, नानी, भाभी के माता-पिता वगैरह भी हैं। ऐसे में अपने पिता की उम्र के आशीष को वह कैसे सबसे मिलवाए, कैसे यह बताए कि हम दोनों शादी करने वाले हैं…? लेकिन जैसा कि फिल्मों में होता है, अंत में सब सुलझ जाता है। क्या वाकई…!

| Director: | Aditya Suhas Jambhale |
|---|---|
| Cast: | Manav Kaul, Neelofar Hamid, Masoom Mumtaz Khan, Arista Mehta, Baby Kiara Khanna, Ashwini Koul, Nazneen Madan, Mir Sarwar, Vikas Shukla, Bhasha Sumbli |
| Writer: | Aditya Suhas Jambhale |
Baramulla
Horror (Hindi)
वादी की शापित लोरियां सुनाती ’बारामूला’
Wed, November 12 2025
2016 का साल। कश्मीर का बारामूला कस्बा। वही बारामूला जिसे वराहमूल और वर्मूल भी कहा गया। एक फंक्शन में तमाशा दिखा रहे जादूगर के बक्से से स्थानीय एम.एल.ए. का बच्चा ’गायब’ हो जाता है। तफ्तीश के लिए डी.एस.पी. रिदवान की वहां पोस्टिंग होती है। कुछ और बच्चे भी ’गायब’ हो रहे हैं। रिदवान को उन आतंकियों पर शक है जो बच्चों को पत्थरबाज बना रहे हैं। उधर जिस पुराने मकान में रिदवान और उनका परिवार रह रहा है वहां भी कुछ अजीब हरकतें हो रही हैं। कोई साया है जो उनके बेटे के संग खेलता है। बेटी को लगता है कि इस घर में कोई कुत्ता भी है। एक दिन रिदवान की बेटी भी ’गायब’ हो जाती है। कौन है इसके पीछे? क्या राज़ है इस घर का? बच्चे ’गायब’ क्यों हो रहे हैं, कैसे हो रहे हैं, कौन कर रहा है, कहां हैं वे बच्चे…?

| Director: | Suparn Verma |
|---|---|
| Cast: | Yami Gautam, Emraan Hashmi, Danish Husain, Sheeba Chaddha, Vartika Singh, Aseem Hattangady |
| Writer: | Reshu Nath |
Haq
Drama (Hindi)
हक की बात ‘हक़’ के साथ
Sat, November 8 2025
आज़ाद भारत की अदालतों में पेश हुए उल्लेखनीय मुकदमों में शामिल रहा है इंदौर की शाह बानो बेगम का वह केस जो उन्होंने अपने शौहर मौहम्मद अहमद खान के खिलाफ किया था। मुख्तसर बयानी यह कि अहमद ने पहला निकाह शाह बानो से किया जिससे उन्हें 5 बच्चे हुए। 14 साल बाद अहमद ने दूसरा निकाह कर लिया जिससे उन्हें 7 संतानें हुईं। इसके कई साल बाद जब अहमद ने शाह बानो को तलाक दिया तब शाह बानो की उम्र 62 साल थी। शाह बानो गुज़ारे भत्ते के लिए अदालत गईं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और वह जीतीं भी। लेकिन इस फैसले को मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल मानते हुए इसके खिलाफ देश भर में आंदोलन होने लगे। तब तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने 1986 में संसद में एक कानून बना कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेअसर कर दिया। यह फिल्म ‘हक़’ उसी केस पर पर आधारित है।
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