4,610 Reviews ● 1,343 Films/Shows ● 59 Top Critics
37 Languages ● And Growing!

/images/members/Deepak Dua.png

Deepak Dua

Independent Film Journalist & Critic

Deepak Dua is a Hindi Film Critic honored with the National Award for Best Film Critic. An independent Film Journalist since 1993, who was associated with Hindi Film Monthly Chitralekha and Filmi Kaliyan for a long time. The review of the film Dangal written by him is being taught in the Hindi textbooks of class 8 and review of the film Poorna in class 7 as a chapter in many schools of the country.

A chapter on ‘Film Journalism’ written by him is included in the curriculum of ‘Uttarakhand Open University’. Apart from his regular writing on cinema (and tourism) for many Hindi newspapers, magazines, web-portals in India and abroad, he also appears on various radio and television channels. His film reviews can be found on CineYatra

All reviews by Deepak Dua

Image of scene from the film Haiwaan
Director:Priyadarshan
Cast:Akshay Kumar, Saif Ali Khan, Boman Irani, Shriya Pilgaonkar, Saiyami Kher, Rajpal Yadav, Sharib Hashmi, Rajesh Sharma, Manoj Joshi, Asrani

Haiwaan

Crime, Thriller (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra'

बोरियत का सामान ‘हैवान’

Sat, September 12 2026

श्रीराम राघवन की फिल्म ‘अंधाधुन’ में एक अंधा पियानो प्लेयर एक खून होते हुए ‘देख’ लेता है। अब अंधा आदमी ‘देख’ कैसे सकता है? और यहीं से शुरू होती है छल, कपट और धोखे की एक अंधी दौड़ जिसमें कोई भी पाक-साफ नहीं है। प्रियदर्शन की इस फिल्म ‘हैवान’ में एक बिल्डिंग के अंधे मैंटेनेंस मैनेजर की जज साहब को मारने वाले एक खूनी से हाथापाई हुई है। वह उसे सूंघ कर पहचान लेता है लेकिन पुलिस उस अंधे को ही खूनी माने बैठी है। कैसे निकलेगा वह इस आरोप से? कैसे पकड़ा जाएगा वह खूनी? वह खून कर ही क्यों रहा है? क्यों वह ऐसा हैवान बना हुआ है जो अपने बदले की आग में मासूमों की जान लिए जा रहा है? सवाल कई हैं, जवाब यह फिल्म देती है। मगर क्या ये जवाब हज़म होने लायक हैं? आइए देखते हैं।

Continue Reading…


Image of scene from the film Last Man in Tower
Director:Ben Rekhi
Cast:Manoj Bajpayee, Divya Dutta, Boman Irani, Sukant Goel, Chandan Roy Sanyal, Ujjwal Chopra, Swaroopa Ghosh, Uday Chandra, Madhuri Bhatia, Shrikant Yadav

Last Man in Tower

Drama (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra'

सही और गलत के बीच टंगा ‘लास्ट मैन इन टॉवर’

Fri, September 11 2026

इस अनंत ब्रह्मांड में तिनके जितनी बड़ी मुंबई। उसमें तिनके से भी छोटी विश्राम सोसायटी। उस सोसायटी का एक ज़र्रा योगेश मिश्रा। लेकिन इस एक ज़र्रे की ज़िद के चलते इस सोसायटी की दुनिया थम-सी गई है। दरअसल एक बिल्डर इस सोसायटी के टॉवर गिरा कर वहां नई बिल्डिंग बनाना चाहता है। वह सबको मार्केट रेट से ज़्यादा पैसे दे रहा है। एक-एक करके सब लोग फ्लैट बेचने को राज़ी हो जाते हैं, सिवाय रिटायर्ड टीचर योगेश मिश्रा के। अब कैसे बनेगी यहां नई बिल्डिंग? मास्टरजी राज़ी होंगे या नहीं? कौन मनाएगा उन्हें और कैसे? क्या वह मान जाएंगे…? भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई लेखक-पत्रकार अरविंद अडिगा के चर्चित उपन्यास ‘द व्हाइट टाइगर’ पर इसी नाम से प्रियंका चोपड़ा और राजकुमार राव वाली फिल्म 2021 में आ चुकी है। अब आई यह फिल्म ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ (Last Man in Tower) अरविंद के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है।

Continue Reading…


Image of scene from the film Babita Singh Reporting
Director:Ambiecka Pandit
Cast:Nimisha Sajayan, Anshumaan Pushkar, Barun Sobti, Rajesh Kumar, Geetika Vidya, Muskan Arora, Priyanka Setia, Sunita Rajwar
Writer:Amita Vyas

Babita Singh Reporting

Crime, Drama (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'

चटक सैल्यूट के साथ ‘बबिता सिंह रिपोर्टिंग’

Fri, August 28 2026

‘इतनी स्वीट बनेगी न, तो खा जाएंगे…।’ भोपाल के एक पुलिस स्टेशन में तैनात ए.एस.आई. बबिता सिंह को उसकी साथी समझाती है। पर बबिता या तो समझना नहीं चाहती या फिर हालात उसे यह समझने नहीं दे रहे हैं। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर उसे यह नौकरी मिली है। इसीलिए उसे कोई सीरियसली नहीं लेता है। बॉस की नज़रों में उसकी काबिलियत रीलें शूट करने और लिखा-पढ़ी के काम से ज़्यादा नहीं है और घरवालों की नज़र में वह एक ऐसी नौकरी कर रही है कि उन्हें किसी को बताते हुए भी शर्म आती है। बबिता खुद को साबित करना चाहती है-नौकरी में भी, घर पर भी। कर पाएगी वह? दो हफ्ते के लिए सस्पैंड होकर ननद की गोदभराई के लिए दो साल बाद अपने होमटाउन रीवा पहुंची बबिता को उसके बचपन का दोस्त बंसी मिलता है। वह उससे कुछ कहना चाहता है। लेकिन अगले ही दिन बंसी का कत्ल हो जाता है। कातिल भी पकड़ा गया है मगर बबिता को लगता है कि पकड़ा गया शख्स बंसी का कातिल नहीं है। कौन है कातिल? क्यों हुआ बंसी का कत्ल? क्या बबिता सच का पता लगा पाई? क्या वह खुद को साबित कर पाई या फिर…?

Continue Reading…


Image of scene from the film Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups
Director:Geethu Mohandas
Cast:Yash, Nayanthara, Kiara Advani, Rukmini Vasanth, Huma Qureshi, Tara Sutaria, Sudev Nair, Akshay Oberoi, Balaji Manohar, Darrell D'Silva
Writer:Geethu Mohandas, Yash

Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups

Action, Crime, Drama (Kannada)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'

धांय-धांय धुआं-धुआं ‘टॉक्सिक’

Thu, August 27 2026

देखो जी, सीधी-सी बात यह है कि जिस फिल्म को बनाने वालों ने अपने टीज़र, ट्रेलर, गानों और प्रचार के साथ-साथ फिल्म के नाम तक में यह बता दिया हो कि वे लोग आपको टॉक्सिक यानी ज़हरीला मनोरंजन परोसने जा रहे हैं और जिस फिल्म के नाम की टैगलाइन बड़ी साफगोई से ‘बड़ों के लिए एक परी-कथा’ होने का दावा कर रही हो उसे लेकर आप चाहे जितना मुंह बनाएं, सिर खपाएं, खून जलाएं, इससे उन लोगों को बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता जिन्हें इस किस्म की फिल्में बनानी हैं या देखनी हैं। रिलीज़ के दिन सुबह-सुबह के पहले शो में लगभग पूरे भरे हुए थिएटर में मेरे बगल में बैठे शख्स ने बताया कि रात की बस पकड़ कर आज सुबह उत्तराखंड से दिल्ली लौटा हूं और घर जाने की बजाय पहले थिएटर में आया हूं। क्यों? जवाब मिला-‘रॉकी भाई की फिल्म तो देखनी ही थी न।’ लो कर लो अब रिव्यू।

Continue Reading…


Image of scene from the film Dial 1975
Director:Navneet Behal, Vibhu Kashyap
Cast:Kay Kay Menon, Kirti Kulhari, Pravessh Rana, Vishwanath Chatterjee

Dial 1975

Thriller, Drama (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'

‘डायल 1975’ फोर कन्फ्यूज़न

Fri, August 21 2026

इस फिल्म ‘डायल 1975’ की कहानी कुछ यूं है कि… यार, मैं न बता रहा कहानी। पूरी फिल्म देख ली, इत्ती लंबी और उलझी हुई कहानी है कि देखने में माथा खराब हो गया, अब बताने में भी होगा। एक काम कीजिए, खुद ही ट्रेलर में देख लीजिए, अगर वह भी समझ में आ जाए तो। हां तो, अब आपकी समझ में आ गया होगा कि… बताइए क्या समझ में आया? नहीं आया न कुछ? चलिए मैं कोशिश करता हूं। जून 1975 में तब की ताकतवर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत में इमरजैंसी लगवा दी थी। उन दिनों हर तरफ नज़र रखी जा रही थी, फोन-शोन रिकॉर्ड हो रहे थे, ऐसे में एक फोन-कॉल रिकॉर्ड होता है कि जर्मनी से एक ब्रीफकेस आ रहा है जिसमें आने वाले ज़माने का एक यंत्र है। इसकी डील चार लाख रुपए में एक होटल में होगी। अब बहुत सारे लोग इस डील के आगे-पीछे घूम रहे हैं। किसी को उस कॉल-रिकॉर्डिंग की टेप चाहिए, किसी को वह ब्रीफकेस, किसी को चार लाख रुपए तो किसी और को कुछ और। इन सारी चाहतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग लोग, अलग-अलग लोगों को ज़िम्मेदारी देते हैं और ये अलग-अलग लोग बहुत सारे अलग-अलग लोगों को मारे जा रहे हैं।

Continue Reading…


Image of scene from the film Batwara 1947
Director:Rajkumar Santoshi
Cast:Sunny Deol, Preity Zinta, Shabana Azmi, Ali Fazal, Karan Deol, Abhimanyu Singh, Kanikka Kapur, Khushi Hajare, Mithun Chakraborty, Mona Singh

Batwara 1947

Action, Drama, War (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'

इंसानियत की बात ‘बंटवारा 1947’ में

Sat, August 15 2026

1947 में हुए देश के बंटवारे के समय हर तरफ मची मारकाट के बीच मेरठ का सिकंदर मिर्ज़ा किसी तरह बच-बचाकर अपने परिवार के साथ लाहौर पहुंचा। कुछ दिन बाद उसे किसी हिन्दू की छोड़ी एक हवेली भी अलॉट हो गई। पर उस हवेली में तो उस हिन्दू की मां छुपकर बैठी थी, अपने बेटे के इंतज़ार में। शुरुआती ना-नुकर के बाद सिकंदर के परिवार ने तो उस औरत से तालमेल बिठा लिया लेकिन मज़हब और सियासत के कुछ ठेकेदारों को यह मंज़ूर नहीं हुआ। और फिर एक दिन…! यह कहानी दरअसल हिन्दी के मशहूर लेखक असगर वजाहत के 1989 में लिखे गए एक नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याइ नइ’ (जिसने लाहौर नहीं देखा वह पैदा ही नहीं हुआ) की है जो देश-दुनिया में काफी लोकप्रिय हुआ। किसी ज़माने में पंजाबी में यह कहावत कही जाती थी क्योंकि उस समय का लाहौर शहर अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास, भव्यता, मेल-जोल वाली जीवन शैली आदि के लिए जाना जाता था और यह माना जाता था कि जिसने यह शहर नहीं देखा, उसका कोई वजूद ही नहीं है। लेकिन इसी शहर में बंटवारे के दिनों में कुछ लोगों ने इतिहास पर पानी फेरा था, संस्कृति का कत्ल किया था, भव्यता को उजाड़ा था और मेल-जोल की भावना को मिट्टी में मिलाया था। उसी लाहौर का चित्रण असगर वजाहत ने अपने इस नाटक में किया था जिसका नाम अपने-आप में एक व्यंग्य था। उसी कहानी को राजकुमार संतोषी अपनी इस फिल्म में लेकर आए हैं।

Continue Reading…


Image of scene from the film Ohh My Dog
Director:Amit Rai
Cast:Shreedhar Dubey, Pankaj Tripathi, Rajesh Kumar, Pavan Malhotra, Geeta Agrawal Sharma, Jitendra Joshi, Bullu Kumar, Sulakshana Baruah
Writer:Amit Rai

Ohh My Dog

Drama, Family (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'

सबके साथ देखिए ‘ओह माई डॉग’

Fri, August 7 2026

कहानी-1-असम में एक किशोर अपू का कुत्ता मोमो अचानक गायब हो गया है। पुलिस अंकल का कहना है कि कुछ लोगों को कुत्तों का मांस पसंद है इसलिए इस इलाके से कुत्तों की स्मगलिंग हो रही है। लेकिन तेज दिमाग वाला अपू हार नहीं मानता और आधुनिक तकनीक के सहारे मोमो को तलाशने निकल पड़ता है। कहानी-2-बिहार में एक किशोर श्रमिक प्रिंस अचानक गायब हो गया है। पुलिस का कहना है कि होगा यहीं कहीं, कल तक आ जाएगा। लेकिन तेज दिमाग वाला उसका कुत्ता ऑस्कर हार नहीं मानता और अपने साहस व बुद्धि के सहारे प्रिंस को तलाशने निकल पड़ता है।

Continue Reading…


Image of scene from the film Operation Safed Sagar
Director:Oni Sen
Cast:Dia Mirza, Jimmy Shergill, Siddharth, Abhay Verma, Mihir Ahuja, Taaruk Raina, Arnav Bhasin, Prajakta Koli, Adil Hussain, Vinay Pathak

Operation Safed Sagar

Drama (Hindi)
This Review appeared in 'Cineyatra.com'

शौर्य और दुस्साहस की गाथा ‘ऑपरेशन सफेद सागर’

Fri, August 7 2026

कारगिल वॉर के दौरान उड़ान भरने को आतुर एक फाइटर पायलट को उसका कमांडर यह कह कर रोकने की कोशिश करता है कि उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है। वह युवा पायलट, जिसे यह खबर अभी-अभी मिली, पल भर को रुकता है और कहता है, ‘यह मेरा पर्सनल मैटर है सर, यह मुझे उड़ने से रोकने का कारण नहीं हो सकता।’ सोचिए, क्या तो जज़्बा रहता है हमारे जवानों में। मालूम है कि दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक पहाड़ियों पर आ जमे शत्रुओं पर रात के अंधेरे में घने बादलों से गुज़रते हुए बम बरसाते समय उनकी जान भी जा सकती है लेकिन वे रुके नहीं, थके नहीं। यही बात हमारी सेना को अलग बनाती है। इस बात का यथार्थ चित्रण इस वेब-सीरिज़ ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ (Operation Safed Sagar) को उन फिल्मों से अलग बनाता है जिनमें एयरफोर्स वाले ‘फिल्मी’ कारनामे करते दिखाई देते हैं।

Continue Reading…


Latest Reviews

Image of scene from the film Pyre
FCG Rating for the film Pyre: 71/100
Pyre

Drama (Hindi)

In the Himalayan Mountain range, a rural village loses its inhabitants to the city’s allure while… (more)

Image of scene from the film Nocturne
Nocturne

Crime, Drama, Mystery (English)

When a victim of notorious serial killer Jurek Walter unexpectedly turns up alive, detective Jonah Lynn… (more)

Image of scene from the film Udta Teer
FCG Rating for the film Udta Teer: 51/100
Udta Teer

Comedy, Action (Hindi)

An amnesiac Pakistani spy wakes up believing he is a patriotic Indian counter-terrorism officer.… (more)

Image of scene from the film Body
Body

Drama (Hindi)

In the post covid world, Manoj, a young, struggling actor, is trying to cope with his… (more)